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Windows 10 से Windows 11 upgrade कैसे करें | How to upgrade from windows 10 to windows 11

नमस्कार दोस्तों ! आज हम hinditechguru के एक और नए और ज्ञानपूर्ण आर्टिकल में आपका स्वागत करना चाहते है । इस आर्टिकल में आज हम आपको microsoft के नए और लेटेस्ट windows 11 upgrade के बारें में जानकारी देंगे । इस article में हम आपके बहुत सारे सवालों के जवाब बताएँगे जैसे की windows 10 से windows 11 में फ्री में upgrade कैसे करें , upgrade और update में क्या फड़क होता है इत्यादि ।

Microsoft ने अपना नया और सबसे लेटेस्ट windows 11 OS launch कर दिया है । इसके साथ ही साथ उन्होंने सभी यूजर को windows 10 से नए windows 11 पर upgrade होने का ऑप्शन भी दिया है । मगर ये ऑप्शन सभी windows 10 मौजूद laptop या pc पर उपलब्ध नहीं है । ये सिर्फ उन्ही लैपटॉप या PC पर अवेलेबल है , जिन में Intel 8th Gen Coffee lake या Zen 2 CPU मौजूद है या उससे latest वर्शन मौजूद है । इसके साथ ही साथ उसमे TPM 2.0 (Trusted Platform Module) सपोर्ट होना चाहिए । इसमें 4 GB RAM और 64 GB storage स्पेस होना चाहिए ।

Microsoft windows 11 को धीरे धीरे रोल आउट कर रहा है । Microsoft सभी एलिजिबल और सपोर्टेड PCs और laptop को जून 2022 तक windows 11 रोल आउट कर देगा । तो चलिए अब हम सवालों के जवाब एक एक करके जानते है ।

Windows 10 से विंडोज 11 में फ्री में अपग्रेड करें – Step by Step guide

Windows 10 से Windows 11 में फ्री अपग्रेड करने के लिए आप नीचे दिए गए सभी स्टेप्स को फॉलो करें :

  1. सबसे पहले आप अपने laptop या PC को चेक करें की क्या वो windows 11 ऑफिशियली सपोर्ट करते है या नहीं । इसे चेक करने के लिए आप Microsoft’s PC Health Check App पर जा सकते है ।
  2. इसके बाद आप अपने सभी इम्पोर्टेन्ट डाक्यूमेंट्स , app और डाटा का बैकअप कर लें ।
  3. अब आप अपने windows 10 PC की setting में जाये और फिर Update & Security में जा कर Windows Update पर क्लिक करें ।
  4. अब आप check for updates पर क्लिक करें ।
  5. अगर आपके लैपटॉप या PC पर फ्री windows 11 Upgrade मौजूद है तो आपको download & install का ऑप्शन दिखाई देगा ।
  6. इसके बाद आप download & install पर क्लिक करें ।
  7. इसके बाद onscreen बातये गए स्टेप्स को फॉलो करें और windows 11 की सेटिंग को configure करें ।

इन सभी स्टेप्स को फॉलो करने के बाद आप विंडोज 11 पर अपग्रेड कर जायेंगे ।

मैन्युअली windows 10 से windows 11 में upgrade कैसे करें – Step by Step guide

यदि आपका PC विंडोज 11 को सपोर्ट करता है और आपको विंडोज 11 अपग्रेड का ऑप्शन नहीं दीखता है तो आप इसे मैन्युअली भी अपग्रेड कर सकते है । ऐसा करने के लिए आप निचे दिए गए सभी स्टेप्स को फॉलो करें :

  1. सबसे पहले windows 11 software download page पर जाये ।
  2. इसके बाद आप इसे दो तरीके से कर सकते है । एक की आप Windows 11 Installation Assistant पर जाये ।
  3. इसके बाद आप “Download Now” पर क्लिक करें और बताये गए सभी onscreen स्टेप्स को फॉलो करें । इसके साथ ही आपका विंडोज 11 अपग्रेड हो जायेगा ।
  4. दूसरा तरीका ये , की आप “Create Windows 11 Installation Media” पर जा करने योग DVD या USB बना सकते है ।
  5. इसके बाद आप boot करने योग media या virtual machine install के लिए disk image (ISO) download कर सकते है ।
  6. इसके बाद onscreen बताये गए सभी स्टेप्स को फॉलो करें और आपके windows 11 अपग्रेड हो जायेगा ।

इन सभी स्टेप्स को फॉलो करने के बाद आपका windows 11 upgrade हो जायेगा ।

Software update और upgrade में क्या अंतर होता है ?

सॉफ्टवेयर अपडेट और अपग्रेड में काफी अंतर होता है । updates आमतौर पर निशुल्क होते है और इनका file size भी छोटा होता है | वही दूसरी और upgrade  आमतौर पर निशुल्क नहीं होते है और इनका फाइल साइज काफी ज़्यादा बड़ा होता है । उदहारण के लिए , अगर आपके पास windows 10 है और आप windows 11 चाहते है । तो आप इसके लिए अपग्रेड करेंगे । मान लीजिये आपके पास पहले से ही windows 11 है और आप थोड़ा बहुत चेंज करके उसी को बेहतर बनाना चाहते है । तो आप इसके लिए update करेंगे ।

FAQ

सॉफ्टवेयर अपडेट का मतलब क्या होता है ?

Software update  का मतलब हैं की उसी सॉफ्टवेयर का नया , बेहतर और सुरक्षित संस्करण । उदहारण के लिए , जब हम अपने operating system (OS) को update करते है । तो उस अपडेट से हमारे system  के सारे latest drivers system utilities और security software up-to-date हो जाते है ।

यूट्यूब अपडेट कैसे किया जाता है ?

इसके लिए आप अपने मोबाइल के Google play Store या Apple app store में जाये । इसके बाद YouTube सर्च करें । इसके बाद आपको YouTube app दिखाई देगा , उस पर क्लिक करें । अब अगर YouTube का update मौजूद होगा , तो आपको update के option दिखाई देगा । आप उस पर जैसे ही क्लिक करेंगे , YouTube update हो जायेगा ।

मैं आशा करता हूँ , इस आर्टिकल के बाद आपको काफी कुछ नाय सीखने को मिला होगा । आपको windows 11 अपग्रेड से जुड़े सभी सवालों के जवाब मिल गए होंगे । यदि फिर भी आपके मन में कोई सवाल या सुझाव रहता है तो आप हमें नीचे comment करके बता सकते है ।

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supercomputer

भारत के टॉप 5 सुपर कंप्यूटर्स | Top 5 Super Computers in India

Super Computer हर एक देश के इनोवेशन , रिसर्च एंड डेवलपमेंट और सक्सेस का गेटवे होते है । यही कारण है की ज़्यादातर देश super computers पर बहुत खर्चा करते है । भारत को super computer के मामले में बहुत बड़ी छलांग लगाने की ज़रुरत है । यही कारण है की भारत सरकार ने साल 2015 में “National Supercomputing Mission”(NSM) के तहत 2022 तक 74 इंस्टीटूट्स को “High Computing Facility” प्रदान करने का लक्ष्य रखा है ।

Super Computer अत्याधुनिक powerful computer होते है , जिनकी स्पीड और memory बेहद ज़्यादा होती है । ये कंप्यूटर किसी भी personal computer से 1000-10000 गुना ज़्यादा तेज़ी और सटीकता से काम कर सकते है । ये कम्प्यूटर्स सिंपल arithmetic से लेकर हाई लेवल काम्प्लेक्स कैलकुलेशन तक कुछ ही समय में कर सकते है । यही कारण है की इसका इस्तेमाल scientific research , missile simulation , space , weather forecasting , दवाइयों की खोज इत्यादि में होता है । आज हम इस आर्टिकल के ज़रिये भारत के Top 5 Super Computers के बारें में जानेगे ।

PARAM SIDDHI-AI

इस कंप्यूटर को NSM प्रोग्राम के तहत “Center for Development of Advanced Computing” और “Ministry of Electronics and Information Technology” के द्वारा डेवेलोप किया गया है । ये देश का सबसे powerful and fastest super computer है , जिसे साल 2015 में बनाया गया था । हाल ही में दुनिया के टॉप 500 super computer की लिस्ट में इसे 63 वा स्थान प्राप्त है ।

Processor AMD EPYC 7742 64C 2.25GHz
Number of Cores41,664
Rpeak5,267 TFlop/s
Rmax4,619 TFlop/s
OwnerIndian Government

इस Super Computer को NVIDIA’s DGX Superpod architecture के तहत बनाया गया है , जिसमे 42 NVIDIA DGX A100 का इस्तेमाल किया गया है । Param Siddhi AI को बहुत सारे फील्ड में इस्तेमाल किया जायेगा । जैसे की deep learning , virtual reality , weather forecasting , healthcare इत्यादि ।

PRATYUSH

Pratyush भारत का दूसरा सबसे powerful super computer है । इसके साथ ही साथ ये दुनिया का 4th सबसे powerful super computer है , climate और weather research के मामले में । इसे Indian Institute of Tropical Meteorology (IITM) , Pune द्वारा डेवेलोप किया गया है । प्रत्युष का मुख्या काम monsoons predict करना है ।

ProcessorXeon E5-2695v4 18C 2.1GHz
Number of Cores119,232
Rpeak4,006.2 TFlop/s
Rmax3,763.7 TFlop/s
OwnerIndin Institute of Tropical Meteorology

इसके साथ ही भारत का ये दूसरा supercomputer है जो की टॉप 100 की लिस्ट में आता है , जिसमे इसकी रैंकिंग 78 है । इसका इस्तेमाल फ़िलहाल IITM Pune और National Center for Medium Range Weather forecasting (NCMRWF) Noida द्वारा किया जा रहा है ।

MIHIR [cray xc4

Mihir , जिसे Indian Institute of Tropical Meteorology द्वारा साल 2018 में डेवेलोप किया गया था । ये अभी National Centre for Medium Range Weather Forecasting (NCMRWF), Noida में installed है । Mihir top 500 super computer in the world की लिस्ट में 120 वे स्थान पर है ।

ProcessorXeon E5-2695v4 18C 2.1GHz
Number of Cores83,592
Rpeak2,808.7 TFlops/s
Rmax2570.4 TFlops/s
OwnerMinistry of Earth Sciences

इसका मुख्या काम weather forecasting है । Pratyush और Mihir दोनों साथ मिलकर weather forecasting के टास्क को परफॉर्म करते है । अगर प्रत्युष और मिहिर को साथ में लाया जाये तो ये PARAM Siddhi-AI को भी टक्कर दे सकते है । इस supercomputer की मदद से भारत की weather forecasting skill में काफी सुधार आया है ।

SAHASRAT

Sahasrat को Indian Institute of Science (IISc) Bengaluru के द्वारा साल 2015 में डेवेलोप किया गया था । Sahasrat “Supercomputer Education and Research Center’s (SERC)” ka लेटेस्ट addition है । ये supercomputer अतीत में top 500 supercomputers in the world की लिस्ट में 96 वे स्थान प्राप्त का चूका है ।

Sahasrat को मुख्या रूप से aeronautical engineering and molecular research के लिए इस्तेमाल किया जाता है । इसके अलावा इसका इस्तेमाल सटीक रूप से weather कंडीशन की mapping के लिए भी किया जाता है । ये supercomputer अभी Indian Institute of Science (IISc) Bengaluru में installed है ।

AADITYA

AADITYA का इस्तेमाल Indian Institute of Tropical Meteorology (IITM) Pune के द्वारा किया जा रहा है । इस सुपर कंप्यूटर में Intel Sandy Bridge processors के साथ 2384 computer nodes , 149 TB RAM , NVIDIA GF100GL graphic card और 6 PB storage space उपलब्ध है ।

ये supercomputer अत्तीत में top 500 supercomputers list in the world में 116 वे स्थान पर था । इसका इस्तेमाल IITM द्वारा smaller area में rainfall predict करने में किया जाता है । इसके साथ ही साथ इसका इस्तमाल meteorological research में भी किया जाता है ।

FAQ

फुगाकू नाम का सुपर कंप्यूटर किस देश ने विकसित किया है ?

फुगाकू नाम का सुपर कंप्यूटर “JAPAN” ने विकसित किया है । इस सुपरकम्प्युटर को दुनिया के टॉप 500 super computer की लिस्ट में 1st स्थान प्राप्त है ।

भारत का सबसे तेज कंप्यूटर कौन सा है?

भारत का अभी के समय सबसे तेज़ सुपर कंप्यूटर “PARAM SIDDHI-AI” है । इस सुपरकम्प्युटर को साल 2015 में बनाया गया था । हाल ही में दुनिया के टॉप 500 super computer की लिस्ट में इसे 63 वा स्थान प्राप्त है ।

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर कौन सा है?

भारत का पहला supercomputer का नाम “PARAM 8000” है । इसे साल 1991 में लांच किया गया था ।

विश्व के प्रथम सुपर कम्प्यूटर का क्या नाम है?

दुनिया का पहला super computer “CDC 6600” को माना जाता है । इसे साल 1964 में लांच किया गया था ।

कम्प्यूटर की खोज कब हुई?

सबसे पहले कंप्यूटर की खोज साल 1822 में “Charles Babbage” द्वारा की गयी थी ।

मैं आशा करता हूँ , इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको काफी नयी जानकारी प्राप्त हुई होगी । इस आर्टिकल में हमने भारत के top 5 supercomputer की list दी है और इसके साथ ही उन सभी supercomputer के बारें में जानकारी भी दी है । यदि इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपके मन में फिर भी कोई सवाल या सुझाव रह जाता है , तो आप हमें नीचे कमेंट करके बता सकते है ।

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UPI काम कैसे करता है ?

आज का दौर digital है , चाहे वो सोशल मीडिया हो या ऑनलाइन पेमेंट हो । इसी कड़ी में UPI भी आते है , जिसका इस्तेमाल पेमेंट के लिए किया जाता है । तो चलिए आज हम UPI से जुड़े सवालों के बारें में जानते है । जैसे की UPI क्या है , UPI कैसे काम करता है , UPI का इस्तेमाल कैसे करें इत्यादि ।

UPI क्या है ?

UPI एक इंस्टेंट रियल टाइम पेमेंट सिस्टम है , जिसे National Payment Corporation of India द्वारा डेवेलोप किया गया है । इसे Reserve Bank of India द्वारा रेगुलेट किया जाता है । ये आपको तुरंत ऑनलाइन प्लेटफार्म की मदद से इंटर बैंक पैसे ट्रांसफर करने की फैसिलिटी देता है ।

UPI का फुल फॉर्म क्या है ?

UPI का फुल फॉर्म “Unified Payments Interface” होता है । इस सर्विस को भारत में अप्रैल 2016 में लांच किया गया था ।

UPI काम कैसे करता है ?

UPI जो है , वो IMPS(Immediate Payment Service System) का इस्तेमाल करता है । ये सर्विस 24 घंटे और 7 दिन लगातार चलती रहती है । इसीलिए आप UPI की मदद से किसी भी दिन या किसी भी समय पेमेंट कर सकते है । पहले के समय अगर आपको किसी को ऑनलाइन पेमेंट करना होता था । तो आपको उसके लिए उस व्यक्ति का अकाउंट नंबर , अकाउंट टाइप , IFSC कोड , बैंक नाम जैसी डिटेल्स भरनी पड़ती थी । जो की एक काफी थका देने वाला प्रोसेस है ।

मगर UPI का इस्तेमाल करके आप इन सभी झंझट से बच सकते है । UPI की मदद से पैसे ट्रांसफर करने के लिए आपको बस यूजर का आधार कार्ड या मोबाइल नंबर या वर्चुअल पेमेंट एड्रेस की ज़रुरत पड़ेगी । बस इसकी मदद से ही आप किसी भी यूजर के अकाउंट में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कर पाएंगे ।

UPI के लिए क्या क्या ज़रूरी है ?

UPI के लिए आपका एक बैंक अकाउंट होना चाहिए । आपका ये बैंक अकाउंट उस बैंक में होना चाहिए जो बैंक आपको UPI की फैसिलिटी प्रदान करता हो । उदहारण के लिए HDFC बैंक , SBI बैंक इत्यादि । भारत में अभी 280 बैंक UPI की फैसिलिटी प्रदान करते है । आप इन सभी 280 बैंक की लिस्ट NPCI के ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर देख सकते है ।

UPI का इस्तेमाल कैसे करें ?

UPI का इस्तेमाल करने के लिए आप इन सभी स्टेप्स को फॉलो करें :

  1. आपको जो UPI app इस्तेमाल करना है , उसे आप डाउनलोड कर लें ।
  2. इसके बाद आप अपना बैंक चुन लें ।
  3. फिर आपके बैंक अकाउंट को वेरीफाई करने के लिए आपके बैंक की तरफ से एक OTP आपके रेजिस्टर्ड मोबाइल पर आएगा ।
  4. उसके बाद आप अपना OTP डाल कर अपने अकाउंट को वेरीफाई कर लें ।
  5. ये सब करने के बाद आपका एक Virtual Payment Address बन जायेगा ।

UPI के फायदे ?

UPI के बहुत सारे फायदे है , जैसे की :

  1. UPI की मदद से आप कभी भी पेमेंट कर सकते है ।
  2. UPI की मदद से आप अपने बहुत सारे बिल भर सकते है ।
  3. UPI से ट्रांसफर करना काफी सस्ता होता है ।
  4. UPI से ट्रांसफर की speed काफी तेज़ होती है । आपका पैसा कही भी कुछ ही सेकंडो में ट्रांसफर हो जाता है ।

List of UPI enabled Banks

भारत में अभी लगभग 280 से भी ज़्यादा बैंक UPI की सर्विस प्रोवाइड करते है । हमने नीचे कुछ 20 बैंको की लिस्ट प्रदान की है , बाकि बचें सभी बैंको की लिस्ट आप NPCI की ऑफिसियल वेबसाइट पर जा कर देख सकते है ।

Sr. No.Bank NameDetails
1Airtel Payments BankPSP & Issuer
2Allahabad BankPSP & Issuer
3Andhra BankPSP & Issuer
4Axis BankPSP & Issuer
5Bank Of BarodaPSP & Issuer
6Bank Of IndiaPSP & Issuer
7Bank of MaharashtraPSP & Issuer
8Canara BankPSP & Issuer
9Catholic Syrian BankPSP & Issuer
10Central Bank of indiaPSP & Issuer
11City Union BankPSP & Issuer
12DBS Digi BankPSP & Issuer
13Dena BankPSP & Issuer
14Equitas Small Finance BankPSP & Issuer
15Federal BankPSP & Issuer
16FINO Payments BankPSP & Issuer
17HDFCPSP & Issuer
18HSBCPSP & Issuer
19ICICI BankPSP & Issuer
20IDBI BankPSP & Issuer

मैं आशा करता हूँ , की इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप सभी को काफी नयी जानकारी प्राप्त हुई होगी । इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपके UPI से जुड़े सभी सवालों के जवाब आपको मिल होंगे । यदि फिर भी आपके मन में कोई सवाल या सुझाव रहता है , तो आप हमें नीचे कमेंट करके बता सकते है ।

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IMDb पर रेटिंग कैसे दे | How to submit rating on IMDb in Hindi

सभी को मूवीज और वेब सीरीज देखना बहुत पसंद है । इसीलिए सब वीकेंड्स का बेसब्री से इंतज़ार करते है नेटफ्लिक्स एंड चिल करने के लिए । मगर इसमें सबसे बड़ी परेशानी होती है , की हम तय कैसे करें की हमें कौन सी मूवी या वेब सीरीज देखनी है । इसके लिए हम उस मूवी या वेब सीरीज की IMDb रेटिंग चेक करते है । तो आपके मन में कभी न कभी IMDb के बारें में बहुत से सवाल भी उठे होंगे । जैसे की IMDb क्या है , IMDb पर रेटिंग कैसे दी जाती है इत्यादि । तो चलिए आज मैं आपको इन्ही सब सवालों के जवाब बताता हूँ ।

IMDb क्या है ?

IMDb एक ऑनलाइन डेटाबेस है । जो की मूवी , टेलीविज़न प्रोग्राम , वेब सीरीज , वीडियो गेम्स , कास्ट & क्रू , reviews , रेटिंग्स इत्यादि की जानकारी प्रदान करता है । ये अमेज़न की एक सब्सिडियरी कंपनी है , जिसे साल 1990 में लांच किया गया था । IMDb के फाउंडर “Colin Needham” है ।

IMDb पर आपको लगभग हर एक मूवी , वेब सीरीज की रेटिंग मिल जाएगी । IMDb का फुल फॉर्म “Internet Movie Database” है । ये दुनिया की सबसे प्रसिद्ध मूवी , वेब सीरीज रेटिंग वेबसाइट में से एक है ।

IMDb रेटिंग क्या है ?

IMDb के डेटाबेस में जब भी कोई मूवी या वेब सीरीज अपडेट होती है । तो उस मूवी या वेब सीरीज को IMDb पर रेजिस्टर्ड यूजर द्वारा कुछ नंबर दिया जाता है । ये नंबर 1 से लेकर 10 के बीच में होता है । ये नंबर जितना बड़ा होता है , मूवी या वेब सीरीज उतनी ही बढ़िया होती है ।

बहुत सारे यूजर द्वारा दिए गए बहुत सारे नंबर को IMDb वेटेड एवरेज करके एक नंबर उस मूवी या वेब सीरीज को देता है । IMDb द्वारा दिए गए इसी नंबर को IMDb रेटिंग कहते है । आज तक की सबसे ज़्यादा रेटेड मूवी IMDb पर “The Shawshank Redemption” है । इस IMDb पर 9.3 रेटिंग दी गयी है ।

IMDb रेटिंग कैसे तय करता है ?

IMDb मूवीज या वेब सीरीज की रेटिंग आप और हम जैसे आम यूजर के द्वारा लिए गये फीडबैक के आधार पर तय करता है । IMDb पर रजिस्टर्ड यूजर द्वारा किसी वेब सीरीज या मूवीज़ को 1 से 10 के स्केल पर नंबर दिया जाता है । ऐसे ही बहुत सारे यूजर रेटिंग देते है , IMDb इन सभी यूजर द्वारा दी गयी रेटिंग का वेटेड एवरेज निकलता है । इस प्रक्रिया के बाद जो नंबर आता है , IMDb किसी मूवी या वेब सीरीज को वही नंबर देता है ।

IMDb पर रेटिंग कैसे दे ?

IMDb पर आप भी किसी भी मूवी या वेब सीरीज को रेटिंग दे सकते है । IMDb पर रेटिंग देने के लिए आप इन सभी स्टेप्स को फॉलो करें :

  1. सबसे पहले अपने डिवाइस पर वेब ब्राउज़र ओपन करें ।
  2. इसके बाद आप IMDb की ऑफिसियल वेबसाइट ओपन करें ।
  3. इसके बाद sign in कर ले , अपनी Gmail Id के साथ ।
  4. अब आपको जिस भी शो को रेटिंग देनी है उसे ऊपर बने सर्च बॉक्स में सर्च करें ।
  5. फिर आप उस मूवी या वेब सीरीज पर क्लिक करें ।
  6. इसके बाद “Rate Here” के ऑप्शन को सेलेक्ट करें ।
  7. इसके बाद आपको शो जैसा लगा है , उसके आधार पर उसे 1 से 10 के बीच रेटिंग दे । ये नंबर जितना बड़ा होगा मतलब शो उतना ही अच्छा है ।

इस तरीके से आप भी चाहे तो किसी भी वेब सीरीज या मूवीज़ को IMDb पर रेट कर सकते है ।

मैं आशा करता हूँ , की इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको काफी नयी जानकारी मिली होगी । इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद IMDb से जुड़े सभी सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे । यदि फिर भी आपके मन में कोई सवाल या सुझाव रहता है , तो आप हमें नीचे कमेंट करके बता सकते है ।

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Fridge with items in it

फ्रिज में कौन सी गैस भरी जाती है | fridge mein kaun sa gas bhara jata hai

आज का युग टेक्नोलॉजी का युग हैं । टेक्नोलॉजी की मदद से रोज़मर्रा के काम किये जाते हैं । इसकी मदद से लोगों का जीवन काफी तेज़ और आसान हो गया हैं । इसी टेक्नॉलजी का हिस्सा refrigerator भी हैं । जिसका इस्तेमाल ज़्यादार हम अपने घरो में करते हैं । इसका इस्तेमाल हम सब्ज़ी , खाना , पानी इत्यादि चीज़ो को ठंडा रखने में करते हैं ।

जब ये टेक्नोलॉजी हमारे इतने काम की हैं तो ज़ाहिर सी बात हैं की इससे रिलेटेड आपके मन में काफी सारे सवाल भी उठते होंगे । उदहारण के लिए fridge mein kaun sa gas bhara jata hai , fridge ka aavishakr kisne kiya tha , fridge ke rochak thathya  , फ्रिज में गैस कितने रुपए की पड़ती है इत्यादि । तो चलिए आईये जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब एक एक करके ।

फ्रिज क्या हैं ?

Refrigerator या फ्रिज बिजली से चलने वाला एक उपकरण हैं । जिसमे मेटल कंटेनर दरवाज़े के साथ होता हैं । जिसका इस्तेमाल खाने पीने की चीज़ो को ठंडा बनाये रखने में किया जाता हैं । ताकि ये सभी खाद्य पदार्थ ज़्यादा दिन फ्रेश रह सके ।

फ्रिज में एक थर्मल इंसुलेटेड कम्पार्टमेंट होता हैं और इसके साथ एक हीट पंप भी होता हैं । जिसकी मदद से रेफ्रीजिरेटर के अंदर की गर्मी को बाहरी वायुमंडल में छोड़ दिया जाता हैं । जिसके कारण फ्रिज के अंदर का तापमान काफी कम हो जाता हैं और फ्रिज के अंदर रखी हुई चीज़े ठंडी रहती हैं ।

रेफ्रिजरेशन सिस्टम का अविष्कार किसने किया था ?

सबसे पहले आर्टिफीसियल रेफ्रिजरेशन सिस्टम का अविष्कारWilliam Cullen” ने किया था . वे एक स्कॉटिश साइंटिस्ट थे , Cullen ने बताया की कैसे liquid को गैस में बदलने से वातावरण ठंडा हो जाता हैं । आज के फ्रिज या रेफ्रीजिरेटर भी इसी सिद्धांत पर काम करते हैं । मगर Cullen  अपनी इस थ्योरी को प्रैक्टिकल नहीं बना सके । उनके आईडिया से प्रेणना लेकर आगे काफी काम किया गया ।

फ्रिज का आविष्कार किसने किया था ?

साल 1805 में फ्रिज या रेफ्रीजिरेटर का अविष्कार अमेरिकन इन्वेंटर “Olliver Evans” ने किया था । Olliver Evans ने closed Vapor Compression Refrigeration cycle के बारें में बताया जिसकी मदद से बर्फ बन सकती थी । फिर समय के साथ साथ इसमें काफी सारे बदलाव हुए जिससे इसकी निपुणता और बढ़ गयी ।

इसी कड़ी में 1834 में “Jacob Perkins” नाम के आदमी ने पहला वर्किंग Vapor Compression Refrigeration System बनाया । ये एक क्लोज्ड साइकिल डिवाइस था जो की लगातार काम कर सकता था । इसके कुछ सालों बाद पहला प्रैक्टिकल Vapor Compression Refrigeration System बनाया गया । इसे “James Harrison” ने बांया था जो की एक स्कॉटिश ऑस्ट्रेलियाई थे । उन्होंने 1856 में Vapor Compression System का पेटेंट अपने नाम कराया था । जिसमे ईथर , अल्कोहल और अमोनिया का इस्तेमाल होता था ।

पहला गैस absoption refrigeration system जिसमे aqua-ammonia का इस्तेमाल हुआ उसे “Ferdinand Carre” द्वारा साल 1859 में डेवेलोप किया गया था । उन्होंने इसका पेटेंट 1860 में करवा लिया था । इसके बाद साल 1914 में इंजीनियर “Nathaniel BWales” ने प्रैक्टिकल electric रेफ्रिजरेशन यूनिट का आईडिया आरम्भ किया । जो की बाद में जा कर kelvinator का आधार बना ।

इसी कड़ी में 1916 में “Alfred Mellowes” ने सेल्फ कॉन्टैनेड रेफ्रीजिरेटर जिसमे कैबिनेट के तल पर compressor का इस्तेमाल किया गया था उसे इंवेंट किया । Mellowes ने व्यावसायिक रूप से इस रेफ्रिजरेटर का उत्पादन किया । “William C. Durrant” नाम के आदमी ने साल 1918 में “Frigidaire” नाम की कंपनी शुरू की और फिर रेफ्रिजरेटर्स का उत्पादन बड़े स्तर पर शुरू कर दिया । साल 1918 में “Kelvinator” नाम की एक दूसरी कंपनी ने पहला आटोमेटिक कण्ट्रोल वाला रेफ्रीजिरेटर बना दिया ।

रेफ्रीजिरेटर कितने प्रकार के होते हैं ?

फ्रिज या रेफ्रीजिरेटर के कई प्रकार होते हैं मगर मुख्य रूप से ये तीन प्रकार के होते हैं । तो आईये जानते हैं इन सभी तीन प्रकारो के बारें में :

1. Single Door Fridge

जैसा की नाम से ही मालूम पर रहा हैं की इस टाइप के refrigerator  में एक ही दरवाज़ा होता हैं । रेफ्रीजिरेटर और फ्रीजर दोनों के लिए इसी के अंदर जगह होती हैं । इस तरह के फ्रिज का एवरेज साइज 180 लीटर से 250 लीटर तक होता हैं ।

2. Double Door Fridge

डबल डोर फ्रिज के फ्रिज या रेफ्रीजिरेटर दो तरह के होते हैं ।

Double Door Bottom Freezer

इसके नाम से ही मालूम पड़ रहा हैं की इस तरह के फ्रिज में डबल डोर होता हैं । इसमें एक मैन डोर होता हैं जो की आपके खाने पीने के सामन के लिए होता हैं । दूसरा डोर freezer के लिए होता हैं । जिससे आप फ्रीजर को बिना मैन डोर खोले की ओपन कर सकते हैं । इसमें आपको फ्रीजर सबसे नीचे मिलता हैं । जिससे आपको अपने बाकि समान रखने के लिए काफी जगह मिल जाती हैं । इस तरह के रेफ्रीजिरेटर की कैपेसिटी 240 लीटर से 430 लीटर तक होती हैं ।

Double Door Top Freezer

इसमें आपको फ्रीजर सबसे टॉप पर मिलता हैं । इसके नाम से ही मालूम पड़ रहा हैं की इस तरह के फ्रिज में डबल डोर होता हैं । इसमें एक मैन डोर होता हैं जो की आपके खाने पीने के सामन के लिए होता हैं । दूसरा डोर freezer के लिए होता हैं , जिससे आप फ्रीजर को बिना मैन डोर खोले की ओपन कर सकते हैं । जिससे आपको अपने बाकि समान रखने के लिए काफी जगह मिल जाती हैं । इस तरह के रेफ्रीजिरेटर की कैपेसिटी 240 लीटर से 450 लीटर तक होती हैं ।

3. Side by Side Refrigerator

इस तरह के फ्रिज में दो अलग compartments होते हैं । दोनों कम्पार्टमेंट्स के लिए अलग डोर होता हैं । एक साइड कम्पार्टमेंट फ्रीजर के लिए होता हैं और दूसरा साइड फ्रेश फ़ूड के लिए होता हैं । Side by Side Refrigerator  की एवरेज कैपेसिटी 500 लीटर से 750 लीटर तक होती हैं ।

फ्रिज में लीटर का मतलब क्या होता हैं ?

दरसल , लीटर एक तरीका हैं खाली जगह बताने का । तो जब हम फ्रिज में खाली जगह बताते हैं तो उसके लिए लीटर का इस्तेमाल करते हैं । मतलब जब हम फ्रिज की लम्बाई , चौड़ाई और उचाई की बात करते हैं तो हम लीटर के ज़रिये बताते हैं ।

फ्रिज में कौन सी गैस भरी जाती हैं ?

आज कल के मॉडर्न फ्रिज में HFC-134a (1,1,1,2-Tetrafluoroethane) नाम की गैस भरी जाती हैं । इससे पहले फ्रिज में cholofluorocarbons(CFCs) नाम की गैस भरी जाती थी । मगर बाद में CFCs को रोक दिया गया क्यूंकि इससे ओजोन लेयर को बहुत नुकसान पहुँच रहा था । मगर वही पर HFC-134a का ओजोन लेयर या वातावरण पर कोई भी दुष प्रभाव नहीं हैं ।

फ्रिज के बारे में रोचक तथ्य :

आईये चलिए जानते हैं फ्रिज या रेफ्रीजिरेटर के बारें में कुछ रोचक तथ्य :

  1. पेनसिलवेनिया नामक देश के क़ानून के मुताबिक फ्रिज के ऊपर घर के बाहर सोना एक अपराध हैं । 
  2. Refrigerator को दीवारों के बहुत पास नहीं रखना चाहिए , क्यूंकि इससे फ्रिज के कोइल overheat हो सकते हैं । 
  3. दुनिया के सबसे बड़े फ्रिज का सरकमफेरेंस 27 किलोमीटर (17 माइल्स ) हैं । 
  4. सयुंक्त राज्य अमेरिका के 80 फीसदी घरों में 1956 तक फ्रिज था । 
  5. आमतोर पर फ्रिज पूरे घर की बिजली का 10% इस्तेमाल करते हैं ।

FAQ

Q. क्या रेफ्रिजरेटर का खाना स्वास्थ्यवर्धक है?

Ans. हाँ , रेफ्रीजिरेटर का खाना स्वास्थ्यवर्धक हैं , मगर फ्रिज के खाने को 2 दिन के अंदर खा लेना चाहिए । नहीं तो उसके बाद वो हानि भी कर सकता हैं ।

Q. 450 लीटर फ्रिज में कौन सा कंप्रेसर लगेगा ?

Ans. 450 लीटर फ्रिज में LG MA88LAEP रेफ्रीजिरेटर कंप्रेसर लगेगा ।

Q. अनार को हम फ्रिज में रख सकते है ?

Ans. हाँ, अनार को हम फ्रिज में रख सकते हैं ।

Q. फ्रिज में कांच के बर्तन रख सकते है या नहीं ?

Ans. हाँ , फ्रिज में कांच के बर्तन बिलकुल रख सकते हैं और इसका कोई नुकसान भी नहीं हैं ।

मैं आशा करता हूँ की इससे आपको काफी सारी जानकारी प्राप्त हुई होगी । आपको आपके काफी सारे सवालों के जवाब मिल गए होंगे । यदि फिर भी आपके मन में कोई सवाल या सुझाव रहता हैं तो आप हमें निचे कमेंट करके बता सकते हैं ।

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City with abstract connected location pins.

GPS क्या है और इसका इतिहास | What is GPS in hindi

पहले के ज़माने में जब लोगों को एक जगह से दूसरे जगह जाना होता या भटक जाने पर रास्ता खोजना होता था । तब वे अलग अलग तरीको का इस्तेमाल करते थे । जैसे की MAGNETIC-COMPASS , STICK CHART , KAMAL , CROSS-STAFF , तारों की मदद इत्यादि । मगर आज के ज़माने में हम GPS की मदद से तुरंत अपनी लोकेशन का पता कर लेते है । तो चलिए आईये जानते GPS से जुड़े कुछ सवालों के जवाब । जैसे की GPS क्या है , GPS की परिभाषा , GPS का इतिहास , भारत का GPS , GPS काम कैसे करता है इत्यादि ।

जीपीएस क्या है ?

GPS (Global Positioning System) एक global navigation सिस्टम है । जो की location , velocity और time synchronization की जानकारी देता है । GPS आपको एक जगह से दूसरे जगह तक पहुँचने में मदद करता है ।

जीपीएस की परिभाषा ?

GPS का full form “Global Positioning System” होता है । ये एक global navigation satellite system है । जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से location  का पता करने के लिए होता है । GPS तीन component से मिल कर बना होता है । ये तीन component  है GPS Ground Control Station , GPS Satellite  और GPS Receiver .

जीपीएस का इतिहास ?

Global Positioning System (GPS) , जिसका असली नाम Navstar GPS है । Navstar का फुल फॉर्म Navigation Satellite Timing And Ranging System है . GPS को U.S.A के द्वारा एक प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था । इसका उदेश्य U.S military  को दुशमनों के जहाज़ , वायुयानों और अन्य सैन्य उपकरणों की लोकेशन की सटीक जानकारी प्रदान करना था ।

GPS प्रोजेक्ट की शुरुआत U.S Department Of Defense द्वारा साल 1973 में किया गया था । इस प्रोग्राम के तहत पहला satellite साल 1978 में launch हुआ था । GPS को आम जनता के इस्तेमाल के लिए वर्ष 1983 में चालू कर दिया गया था । मगर उस समय इसमें बहुत तरह की पाबंदिया थी । मगर कुछ सालों बाद वर्ष 2000 में इसे पूरी तरह से आम जनता के लिए चालू दिया गया था ।

इस प्रोग्राम के तहत अमेरिका 1978 से लेकर अब तक 72 satellite launch कर चूंका है । जिसमे से 2 satellite की launching असफल रही । और इन 70 satellite में से 33 satellite ही पृथ्वी की सतह से लगभग 20,000 km ऊपर अपने orbit में मौजूद है । जिसमे से 31 satellite ही पूरी तरह से active है . मगर 20,000 km  की उचाई से पृथ्वी को कवर करने के लिए केवल 24 satellite की ही ज़रुरत है । बाकि 7 satellite इन 24 satellite के अंतराल को कम करती है ।

जीपीएस कैसे काम करता है ?

हमे जिन devices में GPS इस्तेमाल करना होता है । उन सभी में एक GPS receiver लगा हुआ होता है । जो की satellite से भेजे गए signals को receive करता है । और यह वो satellite  होती है जो की हमारे orbit में मौजूद है । यह सभी satellite  एक निश्चित समय अंतराल के बाद signal  भेजती है । भेजे गए signal में उस satellite  की मौजूदा location और signal  भेजने का टाइम रहता है ।

फिर जब यह signals GPS receiver को प्राप्त होते है । तब GPS receiver signal प्राप्त किये गए टाइम में से signal  भेजे गए टाइम को घटा देता है । जिससे यह पता चलता है की satellite  उस receiver से कितनी दूरी पर और किस location पर है । किसी भी GPS device  को अपनी location  का पता करने के लिए कम से कम 3 satellite की ज़रुरत पड़ती है । और अपनी location निर्धारण करने की इसी प्रकिरिया ‘Trilateration’ कहते है ।

जीपीएस कैसे चलाये ?

  1. सबसे पहले अपने मोबाइल में google maps ओपन कर लें ।
  2. फिर ऊपर बने सर्च बॉक्स में location का नाम डालकर सर्च करें । जैसे की किसी hotel , restaurant , market place का नाम । सर्च करते ही आपको उस जगह का रास्ता आपकी स्क्रीन पर दिखाई देगा ।

जीपीएस का महत्व ?

GPS ने हमारे दैनिक जीवन में क्रांति ला दी है । इसने हमारे हर रोज़ के काम को सरल और सुविधाजनक बना दिया है । तो चलिए आइये जानते है GPS के फायदे और नुकसान :

जीपीएस के फायदे :

  1. GPS से हम अपनी लोकेशन का पता कर सकते है ।
  2. GPS की मदद से ही सारी कैब services और movers and packers काम करती है ।
  3. GPS की मदद से हम पूरी दुनिया का map देख सकते है ।
  4. इसकी मदद से हम एक जगह से दूसरी जगह का रास्ता खोज सकते है ।
  5. GPS की मदद से हम गाड़ियों को track कर सकते है । जो की आपदा के समय काम आता है ।

जीपीएस के नुकसान ?

  1. GPS से सबसे बड़ा नुकसान प्राइवेसी का होता है । क्यूंकि कोई भी आपकी location को ट्रैक कर सकता है ।
  2. GPS का सटीक तरीके से इस्तेमाल करने के लिए हमे लगातार Internet से जुड़े रहना पड़ता है ।

भारत का जीपीएस ?

GPS एक अमेरिकन सरकार का प्रोजेक्ट था । जिसे आज पूरी दुनिया इस्तेमाल करती है । मगर GPS अपनी तरह का एकलौता प्रोजेक्ट नहीं है । इसमें रूस का GLONASS , यूरोपियन यूनियन का GALILEO और चीन का Beidou भी शामिल है । मगर आज के समय में GPS के बाद GLONASS ही एक ऐसा navigation system है जो की पूरी दुनिया में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है ।

भारत की स्पेस एजेंसी ISRO द्वारा भी अपना खुद का एक navigation satellite system develop किया जा चूका है जिसका नाम NaVIC है . इसका full form Navigation with Indian Constellation है ।  दरसल 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान भारत ने अमेरिका से GPS का इस्तेमाल करने की मदद के लिए मांगी थी । जिसके जवाब में अमेरिका ने साफ़ मना कर दिया था । जिसके बाद भारत ने खुद का Navigation satellite system develop करने का संकल्प लिया । और जिसे भारत ने सफलतापूर्वक सम्पूर्ण भी किया ।

NaVIC  सिर्फ भारत के लिए ही काम करेगा । इसकी accuracy GPS से भी अच्छी है । ये भारत की सीमाओं से बहार 1500 km तक की सटीक जानकारी प्रदान कर सकता है ।इसकी वजह से अब भारत की निर्भरता दूसरे देशों पर navigation के लिए पूरी तरह खत्म हो जाएगी ।

मैं आशा करता हूँ की आप सभी ने इस लेख से काफी कुछ सीखा होगा । और आपको आपके सवालों के जवाब मिल गए होंगे । जैसे की GPS क्या है , GPS का इतिहास , GPS की परिभाषा , भारत का GPS , GPS का महत्व इत्यादि । यदि फिर भी आपके मन में कोई सवाल रह जाता है । तो आप हमे comment या email करके बता सकते है ।

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